Home Chandrapur My City एकतरफा प्यार में युवती की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

एकतरफा प्यार में युवती की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

चंद्रपुर, 19 जून 2026: एकतरफा प्यार में शादी से इनकार करने पर 27 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को चंद्रपुर के अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायाधीश श्रीमती आई. ए. शेख ने सुनाया। मामले के अनुसार, मृतका की शादी वर्ष 2016 में हुई थी, लेकिन पति से मतभेद होने के कारण वह अप्रैल 2021 से नागभिड़ में अपनी मां के साथ रह रही थी। आरोपी विवेक ब्रह्मदास चौधरी (29 वर्ष), जो मृतका के पति के पड़ोस में रहता था, उससे एकतरफा प्रेम करता था।

14 अगस्त 2021 की सुबह लगभग 10 से 10:30 बजे के बीच आरोपी युवती के घर में जबरन घुस गया और उस पर शादी करने का दबाव बनाया। उसने युवती को धमकी देते हुए कहा कि यदि उसने उससे शादी नहीं की तो वह उसे जान से मार देगा। इसी दौरान आरोपी ने चाकू से युवती का गला काट दिया।

जब युवती की मां घर लौटी तो उसने आरोपी को युवती को पकड़कर चाकू से हमला करते हुए देखा। मां के शोर मचाने पर आरोपी पीछे के दरवाजे से फरार हो गया। गंभीर चोटों के कारण युवती की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

घटना के बाद नागभिड़ पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच तत्कालीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी मिलिंद शिंदे ने की। जांच के दौरान घटनास्थल से बरामद खून से सना चाकू, आरोपी के कपड़े तथा डीएनए रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विशेष लोक अभियोजक श्रीमती एस. बी. रामटेके ने अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाहों की गवाही कराई। मृतका की मां के प्रत्यक्षदर्शी बयान तथा फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, नागपुर की डीएनए रिपोर्ट ने मामले को मजबूत आधार प्रदान किया। जांच में आरोपी के कपड़ों और चाकू पर मिले रक्त के नमूने मृतका के रक्त से मेल खाने की पुष्टि हुई।

वैज्ञानिक और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी विवेक ब्रह्मदास चौधरी को दोषी ठहराते हुए निम्न सजा सुनाई—

धारा 302 (हत्या): आजीवन कठोर कारावास एवं ₹15,000 जुर्माना। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास।

धारा 450 (घर में अनधिकृत प्रवेश): तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹1,000 जुर्माना। जुर्माना न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास।

धारा 354-डी (स्टॉकिंग/पीछा करना): दो वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹1,000 जुर्माना। जुर्माना न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास।

धारा 506 भाग-2 (आपराधिक धमकी): तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹1,000 जुर्माना। जुर्माना न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास।

न्यायालय के इस फैसले को एकतरफा प्रेम और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।