
बेलसणी, भटाली और उर्जानगर के नागरिकों की समस्याएं सुनीं

फसल नुकसान मुआवजे के लिए वैज्ञानिक आधार पर नीति बनाने का आश्वासन
चंद्रपुर, 19 जून: चंद्रपुर जिले में कोयला उद्योगों और कोल वॉशरियों से निकलने वाली धूल, वायु प्रदूषण तथा प्रदूषित पानी के कारण मानव जीवन और कृषि पर पड़ रहे प्रभावों का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए महाराष्ट्र शासन के अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे ने गुरुवार को जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बेलसणी, भटाली और उर्जानगर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर किसानों और स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान विधायक सुधीर मुनगंटीवार, जिलाधिकारी वसुमना पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे, उपविभागीय अधिकारी विशाल कुमार मेश्राम, उपजिलाधिकारी अतुल जटाले, तहसीलदार विजय पवार सहित संबंधित अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने कहा कि प्रदूषण के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार की ओर से एक स्पष्ट और वैज्ञानिक नीति तैयार करना आवश्यक है। इसके लिए उनके अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझेगी और उसके आधार पर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उन्होंने बताया कि कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों, कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा नागपुर स्थित राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) के विशेषज्ञों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। विस्तृत अध्ययन और चर्चा के बाद फसल नुकसान मुआवजे के लिए एक स्थायी एवं वैज्ञानिक नीति तैयार की जाएगी।
किसानों का महत्व उद्योगों से अधिक : सुधीर मुनगंटीवार
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि औद्योगिक प्रदूषण के कारण किसानों की खेती और नागरिकों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अन्न उत्पादन करने वाले किसानों का महत्व उद्योगों से कहीं अधिक है। राज्य सरकार द्वारा गठित समिति किसानों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मुनगंटीवार ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित मुआवजा नीति में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को भी आधार बनाया जाए, ताकि समय-समय पर एमएसपी बढ़ने के साथ किसानों को मिलने वाला मुआवजा भी बढ़ सके। उन्होंने खेती के नुकसान, गांवों के पुनर्वास, स्थानीय युवाओं को रोजगार और भूमि अधिग्रहण के उचित मुआवजे जैसे मुद्दे भी समिति के समक्ष रखे।
इन स्थानों का किया निरीक्षण
दौरे के दौरान विकास खारगे ने बेलसणी में महामाया कोल वॉशरीज से हो रहे प्रदूषण, भटाली में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोली) के ओवरबर्डन से उत्पन्न बाढ़ के खतरे तथा उर्जानगर में रोप-वे संचालन से होने वाले प्रदूषण का निरीक्षण किया।
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक
दौरे के अंत में अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में नए गंगापुर (तहसील पोंभूर्णा) को राजस्व गांव का दर्जा देकर कंप्यूटरीकृत सातबारा उपलब्ध कराने, पाहमी गांव को ग्राम पंचायत निंबाला से जोड़ने, झरी एवं पेठ गांवों को पिंपलखुट ग्राम पंचायत में शामिल करने तथा देवाडा और जुनोना गांवों को चंद्रपुर तहसील में सम्मिलित करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में विधायक सुधीर मुनगंटीवार, विधायक देवराव भोंगळे, जिलाधिकारी वसुमना पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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