
मुल | विशेष प्रतिनिधि
मुल नगर परिषद क्षेत्र में जल संकट, स्वच्छता और वित्तीय समस्याओं को लेकर नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर महिलाओं ने नगर परिषद के खिलाफ घागर मोर्चा निकाला। इस आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता भी देखने को मिली।
शहर में कई दिनों के अंतराल पर होने वाली जलापूर्ति के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने में नगर परिषद अब तक सफल नहीं हो पाई है। इस मुद्दे को लेकर नगर परिषद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसी तरह शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई स्थानों पर कचरा जमा होने, कूड़ेदानों की कमी तथा समय पर कचरा उठाव नहीं होने की शिकायतें नागरिकों द्वारा की जा रही हैं। बरसात के मौसम में नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों की संख्या बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मच्छरों से बचाव के लिए घरों में मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों का उपयोग बढ़ गया है।
शहर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सब्जी, मटन और मछली बाजार होने के बावजूद मछली विक्रेताओं द्वारा पुराने स्थान पर ही व्यवसाय किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। नागरिकों का कहना है कि इससे यातायात प्रभावित होता है। इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।
नगर परिषद की आर्थिक स्थिति को लेकर भी विभिन्न चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार निधि की कमी के कारण विकास कार्यों और अन्य भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं पर प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में नगर परिषद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कुछ नागरिकों और पत्रकारों ने नगर परिषद के अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने में कठिनाई होने की शिकायत भी की है। उनका कहना है कि कई बार फोन कॉल का जवाब नहीं मिल पाता, जिससे समस्याओं के समाधान में देरी होती है।
नागरिकों का मानना है कि जलापूर्ति, स्वच्छता, नालियों की सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के मुद्दों पर नगर परिषद को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की आवश्यकता है। आगामी बरसात के दौरान इन समस्याओं के और गंभीर होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।




