Home Chandrapur My City जिलाधिकारी ने पीसीपीएनडीटी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की

जिलाधिकारी ने पीसीपीएनडीटी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की

चंद्रपुर, 24 जून: गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम तथा भ्रूण लिंग चयन पर प्रतिबंध संबंधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी वसुमना पंत ने मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की।

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मिलिंद कांबळे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. बंडू रामटेके, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटारे, निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमचंद कन्नाके तथा डॉ. नयना उत्तरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत ने जिले के सभी सोनोग्राफी केंद्रों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से कार्यरत हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जाए तथा संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के पर्चे के आधार पर गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री केवल अधिकृत मेडिकल स्टोरों से ही की जा सकती है। यदि कहीं अवैध रूप से ऐसी दवाओं की बिक्री हो रही है तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने सूचना देने वाले लोगों का नेटवर्क मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि प्रभावी छापामार कार्रवाई की जा सके। साथ ही जिले में फर्जी डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर भी अवैध गर्भपात होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बैठक में जानकारी दी गई कि पीसीपीएनडीटी कार्यक्रम के तहत संचालित मुखबिर योजना में अदालत में मामला दर्ज होने के बाद सूचना देने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है तथा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। इसके अलावा डिकॉय ऑपरेशन में सहयोग करने वाली गर्भवती महिला को भी न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाता है।