चंद्रपुर, 19 जून: चंद्रपुर साइबर पुलिस ने वित्तीय कंपनी के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृति पत्र जारी कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी का पर्दाफाश करते हुए उसे पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपये की ठगी की।
पुलिस के अनुसार, बाबूपेठ निवासी एक हार्वेस्टर मशीन डीलर का संपर्क उनके ग्राहक के माध्यम से हेमंत जोशी नामक व्यक्ति से हुआ, जिसने स्वयं को नागपुर स्थित पूनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड का कर्मचारी बताया था। डीलर के एक ग्राहक को हार्वेस्टर खरीदने के लिए ऋण की आवश्यकता थी, जिसके चलते आरोपी से संपर्क किया गया।
आरोपी ने ग्राहकों से व्यक्तिगत मुलाकात कर फर्जी ऋण समझौता किया और बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से 15 लाख रुपये के ऋण स्वीकृति का नकली पत्र भेजा। इसके बदले उसने 4.46 लाख रुपये की डाउन पेमेंट जमा करने की मांग की। शिकायतकर्ता ने ग्राहक से नकद राशि लेकर 16 मई 2026 को आईएमपीएस के माध्यम से आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी ने 18 मई को ऋण वितरण और मशीन डिलीवरी से संबंधित फर्जी स्वीकृति पत्र भी भेजे। हालांकि, 19 मई से उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। संदेह होने पर शिकायतकर्ता नागपुर स्थित पूनावाला फिनकॉर्प कार्यालय पहुंचे, जहां पता चला कि ‘हेमंत जोशी’ नाम का कोई कर्मचारी वहां कार्यरत ही नहीं है और प्रस्तुत सभी दस्तावेज फर्जी हैं।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई तथा चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में भी मामला दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर 3 जून 2026 को आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच साइबर पुलिस स्टेशन को सौंप दी। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान विनोद शांताराम गडख पाटिल (44), निवासी बानेर, पुणे के रूप में की और उसे उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों में अलग-अलग नामों से लोगों को ठग चुका है। वह हेमंत जोशी, हेमंत पवार, रणवीर सिंह सिकरवार, राम हरि चंद, मयंक वानखेड़े, अभिषेक शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, निखिल यादव, विट्ठल पाटिल और विनोद पाटिल जैसे नामों का इस्तेमाल करता था।
न्यायालय ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच के दौरान उसके खिलाफ अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकड़े के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस स्टेशन चंद्रपुर की टीम ने की।
नागरिकों से अपील
चंद्रपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर दिए गए लोन ऑफर पर विश्वास न करें। किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लेने से पहले उसकी आधिकारिक शाखा में जाकर सत्यापन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।