
चंद्रपुर, 8 जून। शहर के समानांतर बहने वाली इराई नदी में चल रहे सिल्ट हटाने (डी-सिल्टिंग) अभियान के दूसरे चरण का कार्य तेज़ी से जारी है। सोमवार को जिला कलेक्टर वसुमना पंत ने कार्यस्थल का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन द्वारा इराई नदी में सिल्ट हटाने के अभियान का दूसरा चरण 28 मार्च 2026 से शुरू किया गया है। अब तक चोरला पुल से माना पहाड़ी तक लगभग ढाई किलोमीटर क्षेत्र में डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विट्ठल मंदिर वार्ड स्थित श्री वैभव लक्ष्मी माता मंदिर परिसर, इराई-जरपत नदी संगम तथा हदस्ती पुल के समीप चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी तल से निकाली गई गाद को नदी किनारे जमा करने के बजाय निर्धारित डंपिंग स्थल पर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाए।
कलेक्टर ने डी-सिल्टिंग प्रक्रिया, उपयोग में लाई जा रही मशीनरी तथा कार्य की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने तहसीलदारों को किसानों की मांग के अनुसार नदी से निकाली गई उपजाऊ गाद उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर म्युनिसिपल कमिश्नर अकुनुरी नरेश, उपविभागीय अधिकारी विशाल कुमार मेश्राम, उपजिलाधिकारी शुभम दांडेकर, तहसीलदार विजय पवार, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोतावार, सिटी इंजीनियर रविंद्र हजारे, सीटीपीएस इंजीनियर हजारे, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता जलेश सिंह, उपअभियंता सैयद, आपदा प्रबंधन विभाग के सलीम शेख, उपअभियंता रविंद्र कलम्बे, उपअभियंता आशीष भारती तथा ठेकेदार जुनेजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रशासन के अनुसार यह अभियान इराई नदी की जलधारण क्षमता बढ़ाने, संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। जिला कलेक्टर के निरीक्षण के बाद कार्य को निर्धारित समयसीमा में अधिक गति और सुनियोजित ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है।










