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टिकट वितरण में हुआ आर्थिक लेन-देन

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सांसद प्रतिभा धानोरकर, किशोर जोरगेवार पर लगे आरोप

महानगर में इन दिनों मनपा चुनाव की पृष्ठभूमि में भाजपा और कांग्रेस-दोनों दलों में टिकट वितरण को लेकर घमासान मचा हुआ है. जिन निष्ठावान कार्यकर्ताओं और पूर्व नगरसेवकों को टिकट नहीं मिला, उनमें भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक किशोर जोरगेवार और भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुभाष कासंगोट्टवार पर, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांसद प्रतिभा धानोरकर पर पक्षपातपूर्ण और आर्थिक लेन-देन के जरिए टिकट वितरण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. निष्ठावान पूर्व नगरसेवकों व कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर अन्य दलों से आए लोगों को टिकट दिए जाने से यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों दलों ने अपने मूल सिद्धांत और नीतियां बदल ली हैं?

चर्चा ऐसी भी….. जिन लोगों का टिकट काटा गया, उन्होंने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश की सूची में नाम होने के बावजूद जानबूझकर एबी फॉर्म नहीं दिया गया और उनके एबी फॉर्म दूसरों को दे दिए गए. पैसे लेकर उम्मीदवार बदले गए. भाजपा में ऐसा पहली बार हुआ, ऐसा कहते हुए उन्होंने प्रदेश से आई सूचीसार्वजनिक की. पूर्व भाजयुमो सचिव सुनील डोंगरे ने स्पष्ट किया कि इस सूची में से 10 नाम हटा दिए गए हैं. इस अवसर पर मनोज पोतराजे ने कहा कि मुख्यमंत्रीका विरोध करने का आरोप लगाकर उनका टिकट काटा गया. इस दौरान माया उइके, मुग्धा खाडे, विशाल निंबालकर, संदीप कोतपल्लीवार आदि उपस्थित थे.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सांसद प्रतिभा धानोरकर ने बाहरी लोगों को टिकट देकर पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया. राहुल घोटेकर, स्वप्निल कांबले और दीक्षा सातपुते इन उम्मीदवारों को कथित तौर पर बड़े आर्थिक लेन-देन के तहत पार्टी फंड में लगभग एक-एक करोड़ रुपये लेकर टिकट दिया गया. यदि ये आरोप सही नहीं हैं, तो सांसद प्रतिभा धानोरकर पुलिस जांच और स्पष्टीकरण क्यों नहीं देतीं? यह तीखा सवाल पत्रकार परिषद में उठाया गया.

टिकट वितरण, बाहरी उम्मीदवारों का प्रबंधन, आर्थिक लेन-देन और स्थानीय नेतृत्व की उपेक्षा इन सबके पीछे सांसद की निकटवर्ती सोहेल शेख को पर्दे के पीछे का प्रमुख सूत्रधार बताया गया है. आरोप यह भी है कि सांसद ने अपने निजी सहायक की पत्नी और करीबी को भी उम्मीदवार बनाया, जबकि निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया

गया. इस पत्रकार परिषद में वी.जे.एन.टी. सेल के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष रतन शीलवार, जिलाध्यक्ष विजय पोहनकर, अवधूत कोटेवार, बापू अंसारी उपस्थित थे. कांग्रेस द्वारा अपनाई गई इन नीतियों के विरोध में वी.जे.एन.टी. सेल के सभी पदाधिकारी इस्तीफा देंगे, ऐसा भी स्पष्ट किया गया.