Home Chandrapur My City दीक्षाभूमि मुक्ति के लिए 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर आक्रोश मोर्चा

दीक्षाभूमि मुक्ति के लिए 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर आक्रोश मोर्चा

चंद्रपुर : पवित्र दीक्षाभूमि परिसर में विकास कार्यों के दौरान ऐतिहासिक बुद्ध विहार को तोड़े जाने की आशंका को लेकर बौद्ध समाज में असंतोष बढ़ता जा रहा है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी की ओर से इस संबंध में उठ रहे संदेह को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए ‘दीक्षाभूमि मुक्ति जनआंदोलन’ की ओर से आगामी 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर भव्य आक्रोश मोर्चा निकाला जाएगा। यह जानकारी जनआंदोलन समिति ने आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

समिति के अनुसार, दीक्षाभूमि को लेकर व्याप्त भ्रम दूर करने के लिए 3 सितंबर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी की ओर से बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों के संतोषजनक जवाब दिए बिना ही बैठक बीच में समाप्त कर दी गई। समिति ने आरोप लगाया कि इससे समाज में व्याप्त संदेह और अधिक गहरा गया है।

जनआंदोलन समिति ने मांग की है कि दीक्षाभूमि को मुक्त कर बुद्ध विहार का पुनरुद्धार किया जाए तथा जनभावनाओं का सम्मान किया जाए। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी में एक ही परिवार के सदस्यों का वर्चस्व है और पिछले 36 वर्षों में दीक्षाभूमि अथवा बुद्ध विहार का कोई ठोस विकास नहीं हुआ है।

इस मुद्दे को लेकर 17 अगस्त को बैरिस्टर राजाभाऊ खोब्रागड़े भवन में सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों की उपस्थिति में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 19 अगस्त को जिलाधिकारी से मुलाकात कर आगामी 15 और 16 अक्टूबर को आयोजित होने वाले धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह को आम समाज की भागीदारी से संपन्न कराने के लिए प्रशासन से मध्यस्थता करने का अनुरोध किया गया था।

समिति की प्रमुख मांग है कि दीक्षाभूमि में प्रस्तावित विकास कार्यों के दौरान कौन-कौन सी वास्तुएं या संरचनाएं हटाई अथवा तोड़ी जाएंगी, इसका स्पष्ट खुलासा किया जाए। इसी मांग को लेकर 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृति प्रतिमा से जिलाधिकारी कार्यालय तक आक्रोश मोर्चा निकाला जाएगा।

पत्रकार परिषद में भंते अनिरुद्ध थेरो, देशक खोब्रागड़े, प्रतीक डोर्लीकर, राजस खोब्रागड़े, करण सोमकुंवर, सिद्धार्थ शेंडे, चैतन्य बाबाज सहित जनआंदोलन समिति के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।