चंद्रपुर: नाबालिग पीड़िता के साथ बार-बार जबरन यौन उत्पीड़न करने के मामले में चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है।
मामला 28 फरवरी 2023 का है। दोपहर करीब 2:30 बजे पीड़िता के घर के पास रहने वाले आरोपी ने, जिसे पीड़िता अपना चाचा बताती थी, उसके साथ जबरन यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता द्वारा अपनी मां को घटना की जानकारी देने के बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई।
पीड़िता की मां की शिकायत पर चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 201/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3), 376(2)(एन), 450, 506 तथा पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सा रिपोर्ट सहित अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए। जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
अदालत ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में न्यायाधीश पी. एम. गुप्ता के समक्ष हुई। सरकारी अभियोजक अधिवक्ता आसिफ शेख ने सरकार की ओर से मामले की पैरवी करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और तर्कों को न्यायालय के समक्ष रखा।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 506(II) के तहत भी कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने जुर्माना भी लगाया और जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा का आदेश दिया।
पुलिस टीम की भूमिका
इस मामले की जांच महिला पुलिस उप-निरीक्षक सोनाली अग्लावे ने की। पर्यवेक्षण अधिकारी पीएसआई निशिकांत रामटेके रहे, जबकि न्यायालय में पैरवी महिला पुलिस कांस्टेबल किशोरी वामनराव गोंडे (बी.एन. 2370) ने की।
मामले में दोषसिद्धि के लिए किए गए प्रयासों को चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे तथा उप-विभागीय पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। चंद्रपुर पुलिस के दोषसिद्धि कक्ष की ओर से भी मामले में समन्वय किया गया।





