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सोयाबीन फसल में पत्तियां खाने वाली इल्लियों का प्रकोप, किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने की सलाह

चंद्रपुर, 25 अगस्त। सोयाबीन किसानों के लिए महत्वपूर्ण नकदी फसल है। फसल की उत्पादकता कम होने के प्रमुख कारणों में कीटों का प्रकोप भी शामिल है। पत्तियां खाने वाली विभिन्न इल्लियों—तंबाकू की पत्ती खाने वाली इल्ली, ऊंट इल्ली, चने की इल्ली और बालदार इल्ली—के संयुक्त प्रकोप से सोयाबीन की फसल को 71 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। वहीं, अकेले ऊंट इल्ली के प्रकोप से 50 प्रतिशत तक उत्पादन प्रभावित होने की संभावना रहती है।

वर्तमान में सोयाबीन फसल में ऊंट इल्ली और तंबाकू की पत्ती खाने वाली इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है। ऐसे में किसानों को समय-समय पर फसल का निरीक्षण कर एकीकृत कीट प्रबंधन पद्धति अपनाने की सलाह वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. पुरुषोत्तम नेहरकर, डॉ. अनंत लाड, डॉ. राजरतन खंदारे और डॉ. योगेश मात्रे ने दी है।

तंबाकू की पत्ती खाने वाली इल्ली

इस कीट का प्रकोप सामान्यतः अगस्त से अक्टूबर के दौरान अधिक दिखाई देता है। अंडों से निकलने वाली शुरुआती अवस्था की इल्लियां समूह में रहकर जिस पत्ती पर अंडे दिए गए होते हैं, उसका हरा भाग खा जाती हैं। बड़ी होने पर इल्लियां पूरे खेत में फैल जाती हैं और पत्तियों में बड़े तथा अनियमित छेद कर नुकसान पहुंचाती हैं। अधिक प्रकोप होने पर पत्तियां छलनी जैसी दिखाई देने लगती हैं। फूल आने के बाद ये इल्लियां फूलों को भी खाती हैं, जिससे फसल की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

ऊंट इल्ली से भी नुकसान

ऊंट इल्ली का प्रकोप सामान्यतः 15 से 20 दिन के अंतराल पर दिखाई दे सकता है। इसकी इल्लियां पत्तियों में छोटे और अनियमित आकार के छेद कर नुकसान पहुंचाती हैं। इसके कारण फलियां बनने और दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है तथा उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। ये इल्लियां फूल और फलियां भी खाती हैं।

किसानों के लिए एकीकृत प्रबंधन

किसानों को सोयाबीन फसल का नियमित सर्वेक्षण करने और खेत को खरपतवार मुक्त रखने की सलाह दी गई है। तंबाकू की पत्ती खाने वाली तथा बालदार इल्ली के अंडे और इल्लियों से प्रभावित पत्तियों को सावधानीपूर्वक तोड़कर नष्ट करना चाहिए।

तंबाकू की पत्ती खाने वाली इल्ली और हरी चने की इल्ली के प्रकोप की निगरानी के लिए प्रति हेक्टेयर प्रत्येक कीट के लिए 5 फेरोमोन ट्रैप लगाने चाहिए। बड़ी संख्या में नर पतंगों को पकड़कर नष्ट करने के लिए 15 से 20 ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा खेत में ‘T’ आकार के 50 पक्षी बैठने के स्थान प्रति हेक्टेयर लगाए जा सकते हैं।

तंबाकू की पत्ती खाने वाली इल्ली के नियंत्रण के लिए प्रकोप दिखाई देते ही नोमूरिया रिलाई फफूंद की 4 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। पत्तियां खाने वाली इल्लियों के नियंत्रण के लिए 5 प्रतिशत नीम की निंबोली का अर्क भी निवारक रूप से छिड़का जा सकता है।

आर्थिक क्षति स्तर पार होने पर कीटनाशक का उपयोग

जब कीटों का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर से अधिक हो जाए, तब प्रति लीटर पानी में निम्न में से किसी एक कीटनाशक का उपयोग करने की सलाह दी गई है—

– फ्लूबेंडामाइड 39.35% एससी — 0.3 मिली
– क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% एससी — 0.3 मिली
– इमामेक्टिन बेंजोएट 1.90% ईसी — 0.85 मिली
– टेट्रानिलिप्रोल 18.18% एससी — 0.5 से 0.6 मिली
– नोवाल्यूरॉन 5.25% + इंडोक्साकार्ब 4.50% एससी — 1.65 से 1.75 मिली
– एसीटामिप्रिड 25% + बायफेथ्रिन 25% डब्ल्यूजी — 0.5 ग्राम

कीटनाशकों का उपयोग आलटून-पालटून करने की सलाह दी गई है।

छिड़काव में सुरक्षा का रखें ध्यान

उपरोक्त कीटनाशकों की मात्रा साधारण/नैपसैक पंप के लिए बताई गई है। पेट्रोल पंप के लिए यह मात्रा तीन गुना उपयोग करने की जानकारी दी गई है। छिड़काव के लिए स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। कीटनाशकों का उपयोग करते समय किसानों को दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करना चाहिए तथा सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतनी चाहिए।

यह जानकारी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार ने दी है।