आईसीएमआर पड़ोली में कॉम्प्रिहेंसिव केयर यूनिट और प्रीनेटल डायग्नोसिस सुविधा शुरू
ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों को जांच, निदान, परामर्श और उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी
चंद्रपुर, 24 अगस्त। सिकलसेल और थैलेसीमिया जैसे आनुवंशिक रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, समय पर और उनके नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चंद्रपुर जिले ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईसीएमआर, पड़ोली में सिकल सेल डिजीज (SCD) और थैलेसीमिया मरीजों के लिए नवनिर्मित कॉम्प्रिहेंसिव केयर यूनिट (CCU) तथा प्रीनेटल डायग्नोसिस (PND) सुविधा का शुभारंभ किया गया।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक तथा स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल के हाथों दीप प्रज्वलित कर इन स्वास्थ्य सेवाओं का उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं के शुरू होने से चंद्रपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के सिकलसेल और थैलेसीमिया मरीजों को आवश्यक जांच, निदान, चिकित्सकीय सलाह, परामर्श तथा आगे के उपचार के लिए अधिक सुलभ और समन्वित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उद्घाटन अवसर पर महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के प्रमुख/प्रशासक डॉ. विंकी रुघवानी, नागपुर मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की पूर्व अध्यक्ष तथा सिकलसेल उन्मूलन कार्यदल की अध्यक्ष डॉ. दीप्ति जैन, आईसीएमआर की निदेशक डॉ. मनीषा मदकाईकर, ICMR-NIRBID के वैज्ञानिक प्रभाकर केदार, गडचिरोली की जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े, चंद्रपुर के अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. भास्कर सोनारकर, जिला परिषद चंद्रपुर के सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लक्षदीप पारेकर, जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी उज्ज्वला सातपुते तथा जिला सिकलसेल समन्वयक संतोष चत्रेश्वर सहित संबंधित अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक ही स्थान पर मिलेगी व्यापक स्वास्थ्य सेवा
सिकलसेल और थैलेसीमिया जैसे आनुवंशिक रक्त विकारों के प्रभावी प्रबंधन के लिए नियमित जांच, बीमारी की लगातार निगरानी, विशेषज्ञों की सलाह, उचित उपचार और परामर्श बेहद महत्वपूर्ण है। आईसीएमआर, पड़ोली में शुरू की गई नई सुविधाओं से मरीजों को इन सभी सेवाओं का अधिक सुगम और नियमित लाभ मिल सकेगा।
विशेष रूप से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों के लिए यह सुविधा राहत देने वाली साबित होगी। समय पर जांच, बीमारी की स्थिति की नियमित निगरानी, आवश्यक नैदानिक परीक्षण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध होने से गंभीर जटिलताओं को रोकने तथा समय रहते उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी।
प्रीनेटल डायग्नोसिस से रोकथाम के प्रयासों को मजबूती
प्रीनेटल डायग्नोसिस (PND) सुविधा शुरू होने से सिकलसेल और थैलेसीमिया जैसे आनुवंशिक रक्त विकारों के संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा और मजबूत होगी। इससे उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा परिवारों को उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन देने के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
चंद्रपुर जिले में सिकलसेल और थैलेसीमिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, आईसीएमआर और संबंधित संस्थाओं के समन्वय से शुरू की गई ये सुविधाएं आनुवंशिक रक्त विकारों के व्यापक प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम साबित होंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के पात्र मरीजों से इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही सिकलसेल और थैलेसीमिया के संबंध में नियमित जांच कराने तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय सलाह और परामर्श लेने का भी आग्रह किया गया है।





