Home Chandrapur My City चंद्रपुर में किशोर सुरक्षा पर भव्य जागरूकता कार्यशाला, 1,072 शिक्षकों-पुलिसकर्मियों ने लिया...

चंद्रपुर में किशोर सुरक्षा पर भव्य जागरूकता कार्यशाला, 1,072 शिक्षकों-पुलिसकर्मियों ने लिया हिस्सा

चंद्रपुर। जिला पुलिस बल और चंद्रपुर रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी सभागार में ‘किशोर शिक्षक : छात्रों को शिक्षित, सशक्त और पोषित करना’ विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति शिक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को जागरूक करना रहा।

कार्यशाला में जिले के 926 प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी, रोटरी क्लब के 67 सदस्य, 15 बैंक कर्मचारी तथा 64 पुलिस अधिकारी एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और भरोसा प्रकोष्ठ के कर्मचारी, यानी कुल 1,072 लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रपुर की जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी वासुमाना पंत (BPS) ने की। नागपुर रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल (BPS) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना क्षीरसागर, जिला पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी (BPS), जिला परिषद शिक्षा अधिकारी, चंद्रपुर रोटरी क्लब की अध्यक्ष स्मिता जीवतोडे, सचिव विशाल खांडे सहित पुलिस, शिक्षा विभाग और रोटरी क्लब के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

POCSO एक्ट और बच्चों की सुरक्षा पर मार्गदर्शन

जिला पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने POCSO अधिनियम के प्रावधानों और स्कूलों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ कर्मचारियों की पृष्ठभूमि एवं चरित्र की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखने तथा यौन अपराधों की जानकारी मिलने पर कानून के अनुसार तत्काल सूचना देने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रभावी उपयोग की अपील की।

किशोर मनोविज्ञान और तनाव प्रबंधन पर चर्चा

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मानसी मोर नोपानी (हैप्पी हेड्स) ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने भावनात्मक और तार्किक मस्तिष्क के बीच अंतर समझाते हुए सही निर्णय लेने के लिए ‘रुको- सोचो- चुनो’ सूत्र अपनाने की सलाह दी। सहानुभूतिपूर्ण संवाद, मानसिक परेशानी के संकेतों की पहचान तथा शिक्षकों के तनाव को कम करने के लिए ग्राउंडिंग तकनीक और कृतज्ञता की भावना के महत्व पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

साइबर पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक मुजावर अली ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फर्जी APK, गैस बिल या कूरियर के नाम पर भेजे जाने वाले लिंक, व्हाट्सऐप हैकिंग, फिशिंग, टास्क फ्रॉड, सेक्स्टॉर्शन, ऑनलाइन गेमिंग, डीपफेक और शेयर बाजार से जुड़ी धोखाधड़ी के तरीकों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने नागरिकों को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने, अनधिकृत कॉल फॉरवर्डिंग को रद्द करने के लिए ##002# कोड का इस्तेमाल करने तथा खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक एवं ट्रैक करने के लिए CEIR पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी दी। संदिग्ध कॉल एवं संदेशों की शिकायत के लिए Chakshu पोर्टल और M-Kavach 2 जैसे सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताया गया।

साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर गोल्डन आवर्स में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। इस दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के संबंध में भी जागरूक किया गया। योग और सकारात्मक सोच पर जोर
विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने अपने संबोधन में POCSO कानून, साइबर सुरक्षा और किशोर मनोविज्ञान को विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम से तनाव कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने शिक्षकों से स्वयं योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने और विद्यार्थियों में सकारात्मक एवं प्रसन्नतापूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।

जिला कलेक्टर वासुमाना पंत और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना क्षीरसागर ने पुलिस प्रशासन एवं शिक्षकों की इस संयुक्त पहल की सराहना की। कार्यक्रम का उद्घाटन रोटरी क्लब चंद्रपुर की अध्यक्ष स्मिता जीवतोडे ने किया। रोटरी क्लब के सचिव विशाल खांडे ने आभार व्यक्त किया, जबकि सहायक पुलिस निरीक्षक प्रज्ञा वाडेकर ने भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों को किशोरों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य तथा डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों से निपटने के लिए व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।