Home Chandrapur My City त्योहार शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं : जिलाधिकारी वसुमना पंत

त्योहार शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं : जिलाधिकारी वसुमना पंत

गणेश मंडलों को समय पर अनुमति देने के लिए ‘सिंगल विंडो’ व्यवस्था लागू करने के निर्देश
स्वच्छता, निर्माल्य प्रबंधन और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर; सोशल मीडिया पर साइबर टीम की 24×7 निगरानी, लेजर लाइट पर पूर्ण प्रतिबंध
चंद्रपुर, 21 अगस्त। चंद्रपुर जिले की सामाजिक सौहार्द और सर्वधर्म समभाव की परंपरा को कायम रखते हुए आगामी ईद, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन, पोला और गणेशोत्सव सहित सभी त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील जिलाधिकारी वसुमना पंत ने की है। उन्होंने गणेशोत्सव को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने के साथ-साथ स्वच्छता और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
नियोजन भवन में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी पंत बोल रही थीं। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे, निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, नगरपालिका प्रशासन अधिकारी डॉ. विद्या गायकवाड़, मनपा उपायुक्त संजय चिद्रावार, राज्य आबकारी विभाग के अधीक्षक नितीन धार्मिक सहित पुलिस अधिकारी, शांति समिति एवं दक्षता समिति के सदस्य, पुलिस पाटील और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।गणेश मंडलों के लिए ‘सिंगल विंडो’ व्यवस्था
जिलाधिकारी पंत ने कहा कि महानगरपालिका क्षेत्र में गणेश मंडलों को विभिन्न अनुमतियां समय पर उपलब्ध कराने के लिए ‘सिंगल विंडो’ व्यवस्था शुरू की जाएगी। जिले की अन्य नगर परिषदों को भी इसी तरह की व्यवस्था लागू कर गणेश मंडलों को आवश्यक अनुमतियां समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
निर्माल्य और कचरे के लिए अलग व्यवस्था
गणेशोत्सव के दौरान महानगरपालिका, नगरपालिका, नगर पंचायतों और गणेश मंडलों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निर्माल्य और अन्य कचरे के लिए अलग-अलग संकलन व्यवस्था करने तथा गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए बनाए जाने वाले कृत्रिम विसर्जन टैंकों की जानकारी नागरिकों तक पहले से पहुंचाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने नागरिकों और गणेश मंडलों से पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को प्राथमिकता देने की अपील की। हर गणेश मंडल में कम से कम दो सीसीटीवी
जिला पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम का आयोजन पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए। मंडप या होर्डिंग लगाते समय सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न हो तथा नागरिकों और यातायात को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रत्येक गणेश मंडल में कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही गणेश प्रतिमा का किसी भी प्रकार से विडंबन न हो, इसकी भी सावधानी बरतने को कहा गया। पुलिस प्रशासन द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से समाजकंटकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
लेजर लाइट पर पूर्ण प्रतिबंध
मनपा क्षेत्र में घोषित ‘साइलेंट जोन’ में ध्वनि प्रदूषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारियों और पुलिस निरीक्षकों को संबंधित नगर परिषदों के साथ समन्वय कर तहसील स्तर पर भी साइलेंट जोन निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री और अफवाहों पर नियंत्रण रखने के लिए साइबर टीम 24×7 सक्रिय रहेगी। लेजर लाइट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 नंबर पर संपर्क करें।
शांति समिति के सदस्यों ने दिए सुझाव
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने विसर्जन की उचित व्यवस्था, भूमिगत गटर के कार्यों के कारण सड़कों पर बाधा न होने देने, डीजे का इस्तेमाल टालने, गांव स्तर पर पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त, अफवाहों पर विश्वास न करने और उन्हें आगे न फैलाने सहित विभिन्न सुझाव दिए।
इसके अलावा आवारा पशुओं की समस्या दूर करने, भीड़ का उचित नियोजन करने, पीओपी की मूर्तियों से बचने, संदिग्ध व्यक्तियों अथवा असामाजिक तत्वों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने, बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को फिर से शुरू करने तथा त्योहारों के दौरान जलापूर्ति सुचारु रखने की मांग भी की गई।
कार्यक्रम का प्रस्तावना श्याम गव्हाणे ने किया। संचालन मंगला आसुटकर ने किया, जबकि पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके ने आभार व्यक्त किया।