चंद्रपुर: शहर के नागपुर रोड स्थित अंजिकर ऑटोमोबाइल्स शोरूम में करीब ₹4 लाख 78 हजार मूल्य के कृषि उपकरण और स्पेयर पार्ट्स चोरी होने का मामला सामने आया है। इस मामले में रामनगर पुलिस ने सुरक्षा गार्ड सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अंजिकर ऑटोमोबाइल्स के संचालक रोहन चंद्रकांत अंजिकर (39), निवासी अरविंद नगर, मुल रोड, चंद्रपुर, ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं। 24 जुलाई 2026 को उनके परिचित अरुण भाई ने फोन कर बताया कि सुरक्षा ठेकेदार विनय कुमार द्विवेदी ट्रैक्टर का फ्रंट गार्ड बेचने के लिए उनके शोरूम पर आया था। संदेह होने पर अरुण भाई ने संबंधित सामान की तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से रोहन अंजिकर को भेजीं।
तस्वीरें देखने के बाद रोहन अंजिकर को संदेह हुआ कि यह सामान उनके ही शोरूम का है। इसके बाद उन्होंने जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक के स्टॉक का मिलान कराने का निर्देश दिया। जांच में शोरूम से कुल ₹4.78 लाख मूल्य का सामान गायब पाया गया।
जांच में गायब मिला यह सामान
– 1 बड़ा रोटावेटर – ₹1.22 लाख
– 2 छोटे रोटावेटर – ₹1.40 लाख
– 5 ट्रैक्टर फ्रंट गार्ड – ₹20 हजार
– 3 कल्टीवेटर – ₹72 हजार
– 8 स्वराज ऑयल बाल्टियां – ₹24 हजार
– 10 रोटावेटर ब्लेड बॉक्स – ₹30 हजार
कुल मिलाकर ₹4 लाख 78 हजार मूल्य के कृषि उपकरण और सामग्री चोरी होने की पुष्टि हुई।
पूछताछ में सामने आई चोरी की साजिश
शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने पर संदेह सुरक्षा गार्ड ठेकेदार विनय कुमार द्विवेदी पर गया। पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से चोरी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। आरोप है कि वह शोरूम के ड्राइवर आफताब शौकत शेख, हेल्पर प्रशांत मुरलीधर माहेलवार और उमेश अंकुश गेदम के साथ मिलकर गोदाम से कृषि उपकरण निकालकर बाजार में बेचता था और रकम आपस में बांट लेता था। पुलिस के अनुसार, चोरी की घटनाएं रात के समय गोदाम बंद होने के बाद तथा कुछ मामलों में दिन के दौरान भी अवसर मिलने पर अंजाम दी जाती थीं।
चार आरोपियों पर मामला दर्ज
रोहन अंजिकर की शिकायत के आधार पर रामनगर पुलिस स्टेशन में चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक कृष्णा प्रहलाद दराडे मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही चोरी गए सामान की बरामदगी की कार्रवाई भी जारी है।
नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।




