चंद्रपुर, 20 अगस्त। महिलाओं को पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चंद्रपुर जिले में अभिनव पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी वसुमना पंत की संकल्पना के तहत महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) और महाराष्ट्र वन विकास महामंडल (एफडीसीएम), चंद्रपुर के संयुक्त तत्वावधान में बल्लारपुर शहर की महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के लिए सागवान लकड़ी से विभिन्न उपयोगी वस्तुएं बनाने का कौशल प्रशिक्षण शुरू किया गया है।

खुशिया लोकसंचालित साधन केंद्र, चंद्रपुर के माध्यम से आयोजित इस प्रशिक्षण का शुभारंभ 19 अगस्त को एफडीसीएम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रुपेश पाटील के हाथों किया गया। इस अवसर पर माविम के जिला समन्वय अधिकारी प्रदीप काठोले, एफडीसीएम के वन परिक्षेत्र अधिकारी संभाजी कोंडेवार तथा खुशिया लोकसंचालित साधन केंद्र की प्रबंधक शारदा हुसे उपस्थित थीं।
इस प्रशिक्षण में कुल 35 महिलाओं ने भाग लिया है। प्रशिक्षण की अवधि एक महीने की है। इस दौरान महिलाओं को सागवान लकड़ी से विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद एफडीसीएम के माध्यम से प्रशिक्षित महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता की जाएगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित न रखते हुए उन्हें कौशल, उत्पादन और रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पारंपरिक रूप से पुरुषों का क्षेत्र माने जाने वाले बढ़ईगीरी के काम में महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में माविम और एफडीसीएम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।






