चंद्रपुर। चंद्रपुर शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायतवारी कोलियरी निवासी 46 वर्षीय दिलीप यादव की कथित तौर पर ज़हर खाने से मौत हो गई। मौत से पहले दिलीप यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि पुलिस उनसे पैसों की मांग कर रही है और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने शहर पुलिस स्टेशन की अपराध जांच टीम पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मौत से पहले बनाया वीडियो
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई को शहर पुलिस ने भीवापुर वार्ड में पांडुरंग बनलवार के घर पर छापा मारकर करीब एक किलो गांजा जब्त किया था। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अपराध जांच दल के पुलिसकर्मियों ने आरोपी पर दबाव डालकर यह कबूल करवाने की कोशिश की कि उसने जब्त किया गया गांजा दिलीप यादव से खरीदा था।
परिजनों का कहना है कि अपराध जांच दल के पुलिसकर्मी रूपेश पराते लगातार दिलीप यादव पर पैसों के लिए दबाव बना रहे थे। दिलीप का कहना था कि यदि वह वास्तव में गांजा मामले में शामिल होते तो जेल चले जाते, लेकिन जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं थी। उनका आरोप था कि पुलिस आरोपी पर उनका नाम लेने का दबाव बना रही थी।
पुलिस स्टेशन में पूछताछ के बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार के अनुसार, पूछताछ के लिए दिलीप यादव को शहर पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पूछताछ और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर दिलीप ने पुलिस स्टेशन में ही ज़हर खा लिया।
पुलिस ने आरोपों से किया इनकार
मामले पर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने कहा कि दिलीप यादव के खिलाफ गांजा बेचने के मामले पहले से दर्ज थे और पुलिस यह जांच कर रही थी कि उनका भीवापुर गांजा जब्ती मामले से कोई संबंध है या नहीं। उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
एसपी के अनुसार, दिलीप यादव ने पुलिस स्टेशन आने से पहले ही ज़हर खाया था। पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में उनके ज़हर खाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पुलिस स्टेशन में दिलीप को उल्टियां होने लगी थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
पहले भी दर्ज रहे हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 तक दिलीप यादव के खिलाफ गांजा बेचने सहित कुल 12 मामले दर्ज थे। वहीं, परिजनों का दावा है कि उन्होंने करीब छह महीने पहले यह धंधा पूरी तरह छोड़ दिया था।
वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
मौत से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिलीप यादव ने कहा कि पुलिस विभाग के सोनवाने साहब, रूपेश पराते और भावना मैडम उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने वीडियो में कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, इसलिए वे किसी को पैसे क्यों दें। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए संबंधित पुलिसकर्मी और पुलिस विभाग जिम्मेदार होंगे।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शहर पुलिस स्टेशन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आ चुका है। करीब दो वर्ष पहले बागला चौक क्षेत्र में पुलिस प्रताड़ना के आरोपों के बीच एक संदिग्ध आरोपी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया था। उस समय भी मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। एक ओर मृतक का परिवार पुलिस पर प्रताड़ना और अवैध दबाव बनाने के आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस विभाग इन आरोपों से इनकार करते हुए अपने स्तर पर जांच की बात कह रहा है।





