जलापूर्ति विभाग सहित मनपा के सभी ठेका कर्मचारियों पर न्यूनतम वेतन लागू करने की सांसद की मांग

चंद्रपुर। चंद्रपुर महानगरपालिका के अंतर्गत कार्यरत ठेका नाला सफाई कर्मचारियों के दो माह से लंबित वेतन और उन्हें कथित रूप से बिना पूर्व सूचना कार्य से हटाए जाने का मामला अब समाधान की ओर बढ़ गया है। भारतीय कष्टकरी जनसंघ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का संज्ञान लेते हुए सांसद प्रतिभा धानोरकर ने बुधवार को सीधे महानगरपालिका आयुक्त से मुलाकात कर कर्मचारियों को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की।
बैठक के दौरान सांसद की पहल पर मनपा आयुक्त ने आश्वासन दिया कि ठेका कर्मचारियों का दो माह का बकाया वेतन 24 घंटे के भीतर उनके खातों में जमा कराया जाएगा। साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द ही नए ठेकेदार की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
इस अवसर पर नगरसेवक सुरेंद्र अडबाले, राहुल घोटेकर, सुनील खंडेलवार, विनोद लभाने, राहुल चौधरी, नगरसेविका सुनंदा धोबे, प्रोफेशनल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण कोंड्रा, पूर्व नगरसेवक गोपाल अमृतकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सांसद प्रतिभा धानोरकर ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि जब तक नए ठेकेदार की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक महानगरपालिका स्वयं कर्मचारियों का वेतन देकर उन्हें कार्य पर बनाए रखे, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित न हो और श्रमिकों का रोजगार भी सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी मांग की कि नाला सफाई कर्मचारियों की तरह जलापूर्ति विभाग सहित महानगरपालिका के सभी ठेका कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन का लाभ दिया जाए और उसका नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। गौरतलब है कि महानगरपालिका के अंतर्गत नाला सफाई कार्य में लगे 172 ठेका कर्मचारियों का वेतन पिछले दो माह से लंबित था। इनमें श्री दीपक उत्तराधी और संत मीराबाई सेवा सहकारी संस्था के अधीन कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। बताया गया कि संत मीराबाई सेवा सहकारी संस्था का कार्य अचानक बंद कर दिए जाने के कारण 172 कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना काम से हटा दिया गया। पिछले 15 वर्षों से कार्यरत इन कर्मचारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया, जिसके विरोध में उन्होंने 7 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर रखा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद प्रतिभा धानोरकर ने आयुक्त से कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उठाकर शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकना और उन्हें अचानक कार्य से हटाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने और कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की।
सांसद की पहल के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द नए ठेकेदार की नियुक्ति कर कर्मचारियों के रोजगार और शहर की सफाई व्यवस्था दोनों को सुचारु रखा जाएगा। सांसद की इस पहल और सफल हस्तक्षेप के लिए सफाई कर्मचारियों तथा भारतीय कष्टकरी जनसंघ के पदाधिकारियों ने उनका आभार व्यक्त किया।





