
राजुरा | राजुरा पुलिस की अपराध जांच टीम (डीबी) ने पावनी-2 कोयला खदान से चोरी हुए एल्युमिनियम तार के मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का एल्युमिनियम तार तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन समेत कुल 31 लाख रुपये का माल जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को धोपटला कॉलोनी, राजुरा निवासी 58 वर्षीय सुरक्षा गार्ड श्री निवास मदनय्या चिंतला ने राजुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 6 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पावनी-2 कोयला खदान में ड्यूटी के दौरान टी-पिट क्षेत्र का निरीक्षण करते समय वहां रखा करीब 2,000 फीट लंबा और लगभग 1 लाख रुपये मूल्य का 4 एमएस मोटा एल्युमिनियम तार गायब मिला। काफी तलाश के बाद भी तार नहीं मिलने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक नितिन चिंचोलकर के नेतृत्व में अपराध जांच टीम ने जांच शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
सूरज शालिक क्षीरसागर (32), निवासी बाबापुर (सखरी), तहसील राजुरा।
प्रीतम सुरेश बेसुरवार (30), निवासी सखरी, तहसील राजुरा।
निखिल विठोबा मुक्के (29), निवासी चार्ली, तहसील राजुरा।
तीनों आरोपी पेशे से चालक (ड्राइवर) बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए एल्युमिनियम तार के चार बंडल, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख रुपये है, तथा चोरी के सामान के परिवहन में इस्तेमाल की गई टाटा आइशर (क्रमांक MH-35-AJ-4313) भी जब्त की है। वाहन की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये बताई गई है। इस प्रकार कुल 31 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है।
इस संबंध में राजुरा पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 602/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज है और आगे की जांच जारी है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे तथा उप-मंडल पुलिस अधिकारी सुधीर नंदनवार के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक नितिन चिंचोलकर के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में डीबी प्रभारी लक्ष्मण लोकरे सहित किशोर तुमराम, विक्की निर्वाण, अनुप डांगे, शफीक शेख, महेश बोलगोद्वार, मिलिंद जांभूले और रमेश बस्सी की प्रमुख भूमिका रही।




