Home Chandrapur My City अस्पतालों में रोटावायरस वैक्सीन की कमी, बच्चों का स्वास्थ्य संकट में

अस्पतालों में रोटावायरस वैक्सीन की कमी, बच्चों का स्वास्थ्य संकट में

जिला औषधि भंडार में स्टॉक खत्म; निजी अस्पतालों में एक डोज के लिए 1,000 से 1,500 रुपये तक खर्च

चंद्रपुर: जिले में छोटे बच्चों को रोटावायरस संक्रमण से बचाने वाली वैक्सीन का सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टॉक खत्म हो गया है। इसके कारण बच्चों के नियमित टीकाकरण पर असर पड़ रहा है और अभिभावकों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

रोटावायरस संक्रमण से छोटे बच्चों में तेज दस्त, उल्टी और शरीर में पानी की कमी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत रोटावायरस वैक्सीन की तीन खुराक निर्धारित अंतराल पर दी जाती हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है।

निजी अस्पतालों में 1,000 से 1,500 रुपये का खर्च

सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अभिभावकों को निजी अस्पतालों में एक डोज के लिए करीब 1,000 से 1,500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सामान्य परिवारों पर बच्चों के इलाज और टीकाकरण का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

वैक्सीन लेने की निर्धारित उम्र सीमा होने के कारण अभिभावकों के सामने दुविधा है कि वे स्टॉक आने तक इंतजार करें या निजी अस्पताल में पैसे खर्च कर वैक्सीन लगवाएं।

चार दिन से वैक्सीन का इंतजार

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटोरे से संपर्क करने पर बताया गया कि नया स्टॉक लेकर आने वाला वाहन बुधवार को चंद्रपुर पहुंचेगा। इसके बाद शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन का आवश्यक स्टॉक वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है। शनिवार से सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण शुरू होने की उम्मीद है।

बदलते मौसम से सर्दी-खांसी के मरीज भी बढ़े

बदलते मौसम के कारण जिले में सर्दी, खांसी, गले में खराश और बुखार की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। इसका असर विशेष रूप से छोटे बच्चों पर अधिक देखा जा रहा है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण अस्पतालों और बाल रोग विभागों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखना बेहद जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराने की मांग की है। बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने के कारण समय पर दवा और उपचार उपलब्ध होना जरूरी है।