
चंद्रपुर, दिनांक 8: राष्ट्रीय वन नीति 1988 और महाराष्ट्र सरकार की नीति के अनुरूप, प्रकृति संरक्षण के प्रति छात्रों में व्यापक जागरूकता लाने के उद्देश्य से, चंद्रपुर वन अकादमी में ग्लोबल वार्मिंग एवं रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में चंद्रपुर शहर के 9 विद्यालयों के कुल 81 छात्रों और 9 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ग्लोबल वार्मिंग, कार्बन फुटप्रिंट, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैव विविधता के संरक्षण और सामुदायिक स्तर पर किए जा सकने वाले उपायों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, बल्लारपुर स्थित बिग लाकुड और विसापुर स्थित वनस्पति उद्यान का अध्ययन भ्रमण भी किया गया। इसमें छात्रों ने विभिन्न पौधों का अवलोकन किया और प्रत्यक्ष अनुभव किया कि वे जलवायु संतुलन और कार्बन अवशोषण में कैसे सहायक होते हैं। उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को वन अकादमी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्रों में जागरूकता पैदा करने में यह पहल अत्यंत उपयोगी रही। चंद्रपुर वन अकादमी भविष्य में भी चंद्रपुर ज़िले के स्कूली विद्यार्थियों के लिए हर सप्ताह ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का प्रयास करती रहेगी।
यह कार्यक्रम चंद्रपुर वन अकादमी के निदेशक एम. श्रीनिवास रेड्डी के नेतृत्व में और अतिरिक्त निदेशक (प्रशिक्षण) उमेश वर्मा की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेश पटले, सत्र निदेशक एस.एस. दहीवाले, नरेंद्र चेतुले और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों का सहयोग रहा।

