विकसित भारत के लिए आदिवासी गाँवों की योजना तैयार की जाएगी

ज़िला कलेक्टर ने आदि कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन किया
चंद्रपुर, दिनांक 8: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने एक उत्तरदायी सुशासन कार्यक्रम के माध्यम से अंतिम चरण तक सेवा और जन-केंद्रित विकास सुनिश्चित करने के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। इसके अंतर्गत चंद्रपुर ज़िले के सभी आदिवासी गाँवों की योजना तैयार की जाएगी। ताकि इसे वर्ष 2047 के विकसित भारत की अवधारणा में शामिल किया जा सके। इसलिए, जनभागीदारी के माध्यम से अपने ज़िले का एक उत्कृष्ट ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ तैयार करें, ज़िला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. ने कहा।
वे एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, चंद्रपुर द्वारा वन अकादमी में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, परियोजना अधिकारी विकास राहेलवार, ज़िला स्तरीय मास्टर ट्रेनर और अन्य प्रशिक्षु उपस्थित थे।
ज़िला कलेक्टर श्री. गौड़ा ने कहा कि इसके माध्यम से जनजातीय समुदाय के लिए 1. प्रधानमंत्री जनमन योजना, 2. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, 3. राष्ट्रीय सिकलसेल उन्मूलन अभियान और 4. एकलव्य आवासीय विद्यालय विस्तार एवं छात्रवृत्ति योजना के साथ-साथ केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं पर आधारित जनभागीदारी से एक उत्कृष्ट ग्रामवार योजना तैयार की जाए। इसके लिए राज्य, जिला और तालुका स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से संबंधित ग्राम स्तर पर समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा ने प्रशिक्षुओं को इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाने और पूरी प्रक्रिया को समझने की सलाह दी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने कहा कि ‘आदि कर्मयोगी’ अभियान सेवा, समर्पण और संकल्प पर आधारित है। मास्टर ट्रेनर की यह जिला स्तरीय कार्यशाला जनजातीय समुदाय के लिए चार प्रमुख योजनाओं पर आधारित है। उन्होंने अपील की कि प्रशिक्षण आपके कौशल विकास के लिए है, इसलिए इसका समुचित लाभ उठाएं।
परियोजना अधिकारी विकास राहेलवार ने अपने परिचय में बताया कि चंद्रपुर जिले के 167 गाँव धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में और 68 गाँव प्रधानमंत्री जनमन योजना में शामिल हैं। आदिवासी गाँवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, रोज़गार, जल उपलब्धता और सरकार से संपर्क बनाए रखने के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से ग्राम नियोजन योजनाएँ तैयार की जानी हैं।
कार्यशाला में 9 जिला-स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों सहित कुल 120 प्रशिक्षु उपस्थित थे। इसमें ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग, वन विभाग, महावितरण, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और ज़िला पंचायत विभाग शामिल थे।
यह है ‘आदि कर्मयोगी अभियान’: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर शासन और सेवा वितरण में आमूल-चूल परिवर्तन लाना, उत्तरदायी सुशासन कार्यक्रम के अंतर्गत नेताओं का एक कैडर तैयार करना और आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाना है। यह अभियान सेवा, समर्पण और संकल्प के सिद्धांतों पर लागू किया जाएगा और आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक पहुँचेगा। इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए पूरे भारत में 20 लाख परिवर्तनकारी नेताओं का एक मिशन-आधारित कैडर तैयार करना है।

