The district was leading in ‘Adi Karmayogi Campaign’ – District Collector Vinay Gowda

सभी एजेंसियों द्वारा उचित समन्वय से कार्य करने के निर्देश

चंद्रपुर, दिनांक 28: 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज के अंतिम तबके तक सेवाएँ और जन-केंद्रित विकास पहुँचाना आवश्यक है। इसके लिए, उत्तरदायी सुशासन कार्यक्रम के अंतर्गत, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. ने निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां उचित समन्वय से कार्य करें ताकि चंद्रपुर जिला इस अभियान में अग्रणी रहे।

वे एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना, चंद्रपुर द्वारा योजना भवन में आयोजित विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की कार्यशाला में बोल रहे थे। जिला कलेक्टर श्री गौड़ा ने आगे कहा कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ केंद्र सरकार का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी अभियान है। इसके अंतर्गत मास्टर ट्रेनर तैयार करके और जनभागीदारी से प्रत्येक जनजातीय गाँव की समस्याओं को रेखांकित करते हुए एक दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा। ताकि इसे ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न डॉक्यूमेंट में शामिल किया जा सके। इसके लिए राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस अभियान में 1. प्रधानमंत्री जन-जन योजना, 2. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, 3. राष्ट्रीय सिकलसेल उन्मूलन मिशन और 4. एकलव्य आवासीय विद्यालयों का विस्तार और छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं को एकीकृत करते हुए एक विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। इसमें मुख्य रूप से ज़िला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत की मुख्य ज़िम्मेदारी होगी। केंद्र और राज्य स्तर पर इस अभियान का नियमित अनुवर्तन जारी है और 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभा में इस योजना को मंज़ूरी मिलनी है। इसलिए इसमें हर व्यवस्था की भागीदारी ज़रूरी है। इसके लिए उचित समन्वय और सूक्ष्म योजना बनाई जानी चाहिए, ज़िला कलेक्टर विनय गौड़ा ने कहा।

परियोजना अधिकारी विकास राहेलवार ने परिचय देते हुए बताया कि चंद्रपुर जिले के 167 गाँव धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में और 68 गाँव प्रधानमंत्री जनमन योजना में शामिल हैं। आदिवासी गाँवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, रोजगार, पानी उपलब्ध कराने और सरकार से संपर्क बनाए रखने के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया गया है। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने भी मार्गदर्शन किया। कार्यशाला में सभी विभागों के प्रमुख, जिला स्तरीय विशेषज्ञ प्रशिक्षक, समूह विकास अधिकारी, नोडल अधिकारी आदि उपस्थित थे।

‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के बारे में जानकारी: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर शासन और सेवा वितरण में आमूलचूल परिवर्तन लाना, उत्तरदायी सुशासन कार्यक्रम के अंतर्गत नेताओं का एक कैडर तैयार करना है ताकि आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाया जा सके। यह अभियान सेवा, समर्पण और संकल्प के सिद्धांतों पर क्रियान्वित किया जाएगा और आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक उत्तरदायी शासन और सेवाएँ प्रदान की जाएँगी। भारत में 10.5 करोड़ आदिवासी नागरिक हैं, जो 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में रहते हैं। इसका उद्देश्य इन जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए पूरे भारत में 20 लाख परिवर्तनकारी नेताओं का एक मिशन-आधारित कैडर तैयार करना है।

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