चंद्रपुर, 25 अगस्त। राज्य में वर्षों से लंबित अर्धन्यायिक राजस्व मामलों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से शीघ्र निपटाने के उद्देश्य से ‘महात्मा ज्योतिराव फुले महसूल लोक अदालत’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में अधिवक्ताओं और पक्षकारों को सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील अपर जिलाधिकारी डॉ. नितिन व्यवहारे ने की।

जिलाधिकारी वसुमना पंत के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर स्थित बार एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. व्यवहारे संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम, चंद्रपुर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विक्रम टंडन, उपाध्यक्ष अधिवक्ता अमन मारेकर और सचिव अधिवक्ता अभिजीत किन्हीकर सहित अन्य उपस्थित थे।
डॉ. व्यवहारे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने किसानों और कृषि भूमि से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और उसके अधिकार पहुंचाना उनके विचारों का मूल उद्देश्य था। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने उनके नाम पर ‘महात्मा ज्योतिराव फुले महसूल लोक अदालत’ अभियान शुरू किया है। यह अभियान पूरे राज्य में 1 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलाया जाएगा।
राजस्व प्रशासन के मंडल अधिकारी, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी, उपजिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और जिलाधिकारी के अर्धन्यायिक न्यायालयों में भूमि से संबंधित बड़ी संख्या में राजस्व मामले लंबित हैं। विभिन्न कारणों से मामलों के वर्षों तक लंबित रहने से पक्षकारों का समय और धन दोनों खर्च होते हैं। ऐसे मामलों में आपसी समझौते और सहमति के माध्यम से शीघ्र निर्णय कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी डॉ. व्यवहारे ने अधिवक्ताओं से अपील की कि उनके पास लंबित राजस्व मामलों के पक्षकारों से चर्चा कर उन्हें इस अभियान में शामिल करें। इससे लंबित मामलों की संख्या कम होने के साथ ही पक्षकारों को भी राहत मिलेगी।
उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम ने कहा कि अभियान से पक्षकारों, अधिवक्ताओं और राजस्व प्रशासन का समय बचेगा। कई राजस्व मामलों में छोटे और आपसी बातचीत से सुलझाए जा सकने वाले विवाद होते हैं। दोनों पक्षों को उचित मार्गदर्शन देकर ऐसे मामलों का समय पर निपटारा किया जा सकता है। आपसी संवाद और समझौते से मामलों का शीघ्र समाधान संभव है, इसलिए पक्षकारों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विक्रम टंडन ने कहा कि किसानों को अपने मामलों के लिए वर्षों तक न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान की दिशा में ‘महात्मा ज्योतिराव फुले महसूल लोक अदालत’ अभियान महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अभियान में भाग लेने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन बार एसोसिएशन के सचिव अधिवक्ता अभिजीत किन्हीकर ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सातपुते सहित बार एसोसिएशन के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।





