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आरसीईआरटी में मादक पदार्थों के दुष्परिणाम और महिला सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता ‘

Narcotic Drugs, Effects and Prevention’ विषय पर विशेष मार्गदर्शन; ‘दामिनी’ अभियान के माध्यम से महिला सुरक्षा का संदेश

चंद्रपुर। सरदार पटेल मेमोरियल सोसायटी (ट्रस्ट) द्वारा संचालित राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (RCERT), चंद्रपुर में बी.टेक. प्रथम वर्ष (2026-27) के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत 24 अगस्त 2026 को ‘Narcotic Drugs, Effects and Prevention’ विषय पर विशेष मार्गदर्शन व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाना था।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल झेड. चिताडे के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में प्रथम वर्ष विभागाध्यक्ष प्रा. निखिल दुबे तथा चंद्रपुर भरोसा सेल की सहायक पुलिस निरीक्षक श्रीमती प्रज्ञा वाडेकर प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।

मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान

मार्गदर्शन के दौरान प्रज्ञा वाडेकर ने विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों, उनके सेवन से शरीर एवं मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों तथा नशे की लत से होने वाले नुकसान की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने बताया कि कम उम्र में जिज्ञासा, गलत संगत और मित्रों के दबाव के कारण युवा नशे की गिरफ्त में आ सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे प्रलोभनों से दूर रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य और करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही अपने मित्रों में भी नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

सकारात्मक सोच, अच्छी संगति, नियमित व्यायाम, अध्ययन तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता के माध्यम से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश भी विद्यार्थियों को दिया गया।

‘दामिनी’ अभियान के जरिए महिला सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ‘दामिनी’ महिला सुरक्षा अभियान के पोस्टर हाथों में लेकर महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर जनजागृति की। संकट की स्थिति में महिलाओं को घबराए बिना तत्काल सहायता लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करने का संदेश दिया गया।

महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति ने जिम्मेदारीपूर्वक अपनी भूमिका निभाना आवश्यक है। विद्यार्थियों से महिला सुरक्षा को लेकर संवेदनशील रहने तथा अपने आसपास भी सुरक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया गया।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में महिला सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

महाविद्यालयीन जीवन व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ स्वास्थ्य, चरित्र, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित समाज के निर्माण पर भी ध्यान देना चाहिए। मादक पदार्थों से दूर रहना और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना जिम्मेदार नागरिकता के महत्वपूर्ण पहलू हैं, ऐसा संदेश कार्यक्रम के माध्यम से दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रा. कल्पना पोडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रा. लक्ष्मीकांत मोहाडीकर ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बी.टेक. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इस मार्गदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के दुष्परिणाम, नशामुक्त जीवनशैली, महिला सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी साबित हुआ।