चंद्रपुर, 23 जुलाई: चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसूमन पंत ने निर्देश दिए हैं कि किसान आत्महत्या से प्रभावित पात्र परिवारों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से मिले। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे, इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में किसान आत्महत्या से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों की जांच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर पात्र वारिसों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास तथा कौशल विकास प्रशिक्षण का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
महाराष्ट्र शासन के 23 जनवरी 2006 के शासनादेश के अनुसार फसल नुकसान, कर्जग्रस्तता तथा कर्ज वसूली के दबाव के कारण आत्महत्या करने वाले पात्र किसानों के परिवारों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है।
बैठक में किसान आत्महत्या के कुल 15 मामलों की समीक्षा की गई। इनमें से 10 मामले पात्र पाए गए, जबकि 5 मामलों को निर्धारित मानदंडों के आधार पर अपात्र घोषित किया गया।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को आत्महत्या के कारणों की शीघ्र जांच करने, फॉरेंसिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट दो दिनों के भीतर प्राप्त करने तथा पूरी जांच प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रारंभिक रूप से पात्र पाए जाने वाले मामलों को 48 घंटे के भीतर जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अनुग्रह सहायता स्वीकृत करने की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, कृषि विकास अधिकारी विरेंद्र राजपूत, कृषि उपसंचालक चंद्रकांत ठाकरे, जिला सहकारी निबंधक जयसिंग ठाकुर, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. भास्कर सोनारकर, सहायक संचालक (कौशल विकास) अनीसा तड़वी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




