चंद्रपुर, 17 जुलाई। राज्य सरकार ने भारत सरकार की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक अनुसूचित जाति वर्ग के कॉलेज विद्यार्थियों के लंबित छात्रवृत्ति आवेदनों के निपटारे के लिए सभी महाविद्यालयों को अंतिम अवसर दिया है। सहायक आयुक्त, समाज कल्याण, चंद्रपुर ने सभी महाविद्यालयों से अपील की है कि वे लंबित आवेदनों का तत्काल निपटारा करें, क्योंकि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में लंबित आवेदनों को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
निर्देशों के अनुसार, महाडीबीटी (MahaDBT) प्रणाली के अंतर्गत वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लंबित आवेदनों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक महाविद्यालय विशेष अभियान चलाकर उनका निपटारा करेगा। छात्र स्तर और संस्थान स्तर पर लंबित सभी आवेदनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच एवं मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजनाएं पहले www.mahadbt.maharashtra.gov.in पोर्टल के माध्यम से संचालित होती थीं, जिसे अब बंद कर दिया गया है। अब सभी योजनाएं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित नए पोर्टल www.mahadbt2.maharashtra.gov.in के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। महाविद्यालयों को नए पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल, प्राचार्य का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, ई-मेल, पता तथा अन्य सभी आवश्यक जानकारी सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज करना अनिवार्य है।
‘Sent Back to Applicant’ श्रेणी में लंबित आवेदनों के संबंध में महाविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित विद्यार्थियों से तुरंत संपर्क कर आवश्यक त्रुटियों को दो दिनों के भीतर दूर करवाएं और पूर्ण आवेदन प्राप्त कर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करें। समय पर कार्रवाई नहीं होने पर विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
इसी प्रकार ‘Pending at Institute Level’ श्रेणी के प्रथम एवं द्वितीय किस्त (First Installment और Second Installment) से जुड़े सभी लंबित आवेदनों की तत्काल जांच कर पात्र आवेदनों को आगे की मंजूरी के लिए समाज कल्याण कार्यालय भेजने तथा अपात्र आवेदनों को नियमानुसार निरस्त (Reject) करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आवेदन को महाविद्यालय लॉगिन पर लंबित नहीं रखा जाए।
सहायक आयुक्त, समाज कल्याण, चंद्रपुर ने स्पष्ट किया है कि सभी महाविद्यालयों को दो दिनों के भीतर लंबित आवेदनों का निपटारा करना होगा। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रहते हैं या उनका शैक्षणिक नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यार्थी और महाविद्यालय की होगी।





