जिला कलेक्टर ने लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

अवैध लिंग परीक्षण की जानकारी दें, पुरस्कार जीतें
चंद्रपुर, दिनांक 9: गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीकों का उपयोग करके अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात कानूनन अपराध है। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. ने ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर कार्यालय के विस कलमी हॉल में आयोजित बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकड़े, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. महादेव चिंचोले, डॉ. भास्कर सोनारकर, डॉ. नयना उत्तरवार और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में अवैध लिंग परीक्षण केंद्रों की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। यदि सूचना के आधार पर संबंधित व्यक्ति या केंद्र के विरुद्ध मामला दर्ज किया जाता है, तो सूचना देने वाले को सरकार की ओर से 1 लाख रुपये और चंद्रपुर नगर निगम की ओर से 25 हज़ार रुपये, कुल 1 लाख 25 हज़ार रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही, स्टिंग ऑपरेशन में भाग लेने वाली गर्भवती महिला को अदालत में मामला दर्ज होने पर सरकार की ओर से 1 लाख रुपये और नगर निगम की ओर से 25 हज़ार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों, अस्पतालों और क्लीनिकों का कड़ाई से निरीक्षण किया जाना चाहिए और अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन बढ़ाने, हर तीन महीने में सभी सोनोग्राफी केंद्रों का निरीक्षण करने और 12 सप्ताह से अधिक समय तक गर्भपात कराने वाले केंद्रों का दौरा करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी दस्तावेजों, रिपोर्टों और अभिलेखों की सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार कड़ाई से जाँच की जानी चाहिए, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग और अन्य सरकारी कर्मचारियों से सहयोग लिया जाना चाहिए।
जन्म से पहले यह जानना कि बच्चा लड़का है या लड़की, कानूनन अपराध है। नागरिक निम्नलिखित टोल-फ्री नंबरों और मीडिया के माध्यम से ऐसे अवैध कृत्यों की सूचना दे सकते हैं: 18002334475 (सरकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन), 104 (स्वास्थ्य टोल-फ्री नंबर), 18002574010 (नगर पालिका टोल-फ्री नंबर), व्हाट्सएप: 8530006063, वेबसाइट: www.amchimulgimaha.in, शिकायत निवारण ऐप: https://grievance.cmcchandrapur.com/complaint_registration/add आदि।
लिंग-भेदभाव की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जन-जागरूकता के साथ-साथ कानून का सख्ती से पालन आवश्यक है। जिला कलेक्टर ने समाज के सभी वर्गों से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान में योगदान देने की अपील की।

