मनपा चुनाव का टाइम टेबल बिगड़ा

फिर टली प्रारूप प्रभाग रचना की घोषणा

नागपुर, नगर संवाददाता. केंद्रीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक ओर जहां देशभर में विपक्ष द्वारा हंगामा किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर अब राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी नगर विकास विभाग का टाइम टेबल बिगड़ता दिखाई दे रहा है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महानगरपालिकाओं के लिए तैयार हुई प्रारूप प्रभाग रचना की घोषणा शुक्रवार को की जानी थी किंतु देर रात जाहिर सूचना जारी कर अब प्रारूप प्रभाग रचना सरकारी कार्यालय के चौथे शनिवार को अवकाश के दिन घोषित होने की जानकारी उजागर की गई है. जानकारों की मानें तो संभवतः यह पहली बार है कि चुनाव को लेकर जारी की गई प्रक्रिया में अचानक 24 घंटे पहले कोई सुधार किया गया है. बहरहाल अब शनिवार को न केवल मनपा मुख्यालय बल्कि मनपा के सभी जोनल कार्यालयों में प्रारूप प्रभाग रचना घोषित की जाएगी. साथ ही मनपा की वेबसाइट पर भी इसे घोषित किया जाएगा.

पूरी प्रक्रिया ही बदल दी

चुनावों की शुरुआती प्रक्रिया में प्रभाग रचना को पहले 4 सितंबर तक अंतिम रूप दिया जाना था जिसमें राज्य चुनाव आयोग की मंजूरी भी शामिल थी किंतु 23 जून को अचानक नगर विकास विभाग की ओर से जारी नये आदेश के अनुसार राज्य चुनाव आयोग द्वारा अंतिम होने वाली प्रभाग रचना 6 अक्टूबर तक घोषित होने की जानकारी दी गई. पूरी प्रक्रिया ही एक माह आगे चली जाने के कारण चुनाव भी एक माह देरी से होने की जानकारी सूत्रों ने दी. 23 जून को जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार प्रारूप प्रभाग रचना की घोषणा 22 अगस्त को करने के साथ ही 28 अगस्त तक आपत्तयिां और सुझाव मंगाए जा रहे थे किंतु अब शुक्रवार को दी गई जाहिर सूचना के अनुसार आपत्तियां और सूचना 4 सितंबर तक मंगाए जाने हैं, जबकि पहली की प्रक्रिया के अनुसार 8 सितंबर तक आपत्तियों पर सुनवाई होने जा रही थी.

..तो कब होंगे चुनाव ?

जानकारों की मानें तो प्रक्रिया में लगातार कुछ न कुछ परिवर्तन होने के कारण न केवल राजनीतिक दल बल्कि इच्छुक लोगों में असमंजस की स्थिति है. शुक्रवार को मनपा की ओर से उजागर की गई सूचना में अजीबोगरीब जानकारी भी उजागर की गई है.

हालांकि 4 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक आपत्तियां और सुझाव तो आमंत्रित किए गए किंतु इन आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई कब होगी? इसका कोई खुलासा नहीं किया गया है. सुनवाई को लेकर उपस्थित रहने के लिए आपत्तिकर्ताओं को स्वतंत्र रूप से सूचना दी जाएगी. जानकारों की मानें तो यदि सुनवाई की तारीख ही निश्चित नहीं है तो ऐसे में आयोग को अंतिम प्रभाग रचना कब प्रस्तुत की जाएगी? यह भी सवाल है, जबकि 16 से 22 सितंबर के बीच आयोग को अंतिम प्रभाग रचना प्रस्तुत करना था. तमाम बिंदुओं को देखते हुए अब चुनाव कब होंगे, इसे लेकर भी आशंका जताई जा रही है.

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