चंद्रपुर, 31 अगस्त। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चंद्रपुर जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत सोमवार, 31 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी वसुमना पंत ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतदाता सूची एवं पुनरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा की।
बैठक में मतदान केंद्रों के अंतिम युक्तिकरण, मतदाता आंकड़ों, विभिन्न आवेदनों के लिए आवश्यक 12 अधिकृत दस्तावेजों, संबंधित कानूनी प्रावधानों, नोटिस अवधि तथा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
12 दस्तावेजों में से किसी एक का प्रमाण आवश्यक
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यदि मतदाता का विवरण पिछले SIR में दर्ज मतदाता अथवा उसके माता-पिता या दादा-दादी के विवरण से मेल नहीं खाता है, अथवा कोई नागरिक नया पंजीकरण कराना चाहता है, तो निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। इनमें जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं (मैट्रिक) अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, सरकारी अथवा सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी/पेंशनभोगी का पहचान पत्र, राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरण की परिवार रजिस्टर प्रति, सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से संबंधित प्रमाण, 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/भारतीय जीवन बीमा निगम अथवा सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र तथा आधार कार्ड शामिल हैं। आधार कार्ड को पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6
वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में जिन नागरिकों का नाम नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
नाम हटाने या आपत्ति के लिए फॉर्म-7
मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके अथवा मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज मतदाताओं के नाम हटाने के लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र का कोई भी मतदाता फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकता है।
सुधार एवं पता बदलने के लिए फॉर्म-8
मतदाता सूची में अपने नाम, आयु, संबंध, फोटो आदि में सुधार, पता बदलने अथवा दिव्यांगता संबंधी विवरण दर्ज कराने के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकरण पर रोक
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 एवं 18 के अनुसार किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया जा सकता। मतदाता के लिए अपने वर्तमान निवास स्थान पर ही गणना आवेदन भरना अनिवार्य है। गलत घोषणा करने अथवा मतदाता सूची में नाम शामिल करने, सुधार या विलोपन के लिए गलत जानकारी देने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत संबंधित व्यक्ति को एक वर्ष तक की सजा, जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) के माध्यम से प्रारूप मतदाता सूची और 2 लाख 70 हजार 153 ‘अनकाउंटेबल’ मतदाताओं की सूची की गहन जांच करने का आह्वान किया है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए मतदाता 1950 टोल-फ्री हेल्पलाइन, ECINET ऐप अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र की वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।
बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत के साथ अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे, उपजिलाधिकारी (निर्वाचन) संजीव देशमुख, तहसीलदार विजय पवार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





