चंद्रपुर, 30 जुलाई। शैक्षणिक प्रवेश, व्यावसायिक पाठ्यक्रम, कक्षा 12वीं विज्ञान तथा शासकीय सेवा से संबंधित जाति प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आवेदन करने वाले जिन अभ्यर्थियों के आवेदन आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण त्रुटिपूर्ण (डिफेक्टिव) पाए गए हैं, उनके लिए 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026 (कार्यालयीन अवकाश को छोड़कर) विशेष त्रुटि सुधार शिविर का आयोजन किया गया है।
जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति द्वारा बताया गया है कि जिन आवेदनों में त्रुटियां पाई गई हैं, उन्हें ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ई-मेल भेजा गया है तथा पत्राचार के जरिए भी इसकी सूचना दी गई है।
इसके अलावा, जिन विद्यार्थियों ने आवेदन किए हुए 20 दिन से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी तक उन्हें ई-मेल के माध्यम से जाति वैधता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है, अथवा जो अभ्यर्थी ई-मेल या आवेदन में त्रुटि की जानकारी से अनभिज्ञ हैं, वे इस विशेष शिविर में पहुंचकर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज जमा कर त्रुटियों का निराकरण करा सकते हैं।
समिति ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदनों में त्रुटियां हैं और समय पर उनकी पूर्ति नहीं की गई, ऐसे मामलों में दावा निरस्त किया जा सकता है या प्रकरण बंद किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप संबंधित अभ्यर्थी शैक्षणिक प्रवेश एवं सरकारी सेवा के लिए अयोग्य हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी।
समिति के उपायुक्त डॉ. सिद्धार्थ गायकवाड़ ने विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते जाति प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आवेदन करें तथा यदि आवेदन में कोई त्रुटि हो तो निर्धारित अवधि के भीतर उसका निराकरण अवश्य कराएं, ताकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में किसी भी पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित न होना पड़े।



