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जिले के 207 किसानों को वितरित किए गए ‘जीवंत 7/12’ दस्तावेज
विधानसभा क्षेत्रवार विशेष शिविरों का आयोजन

चंद्रपुर, 25 जुलाई: आम नागरिकों और किसानों की राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान तथा भूमि अभिलेख (7/12) को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से राजस्व एवं वन विभाग के निर्देशानुसार जिले में ‘छत्रपति शिवाजी महाराजस्व समाधान शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत विशेष रूप से ‘जीवंत 7/12 अभियान’ सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत अब तक चंद्रपुर जिले के 207 किसानों के 7/12 दस्तावेजों में वारिसों की प्रविष्टि एवं अन्य आवश्यक सुधार पूरे किए गए हैं। सभी 207 लाभार्थी किसानों को संशोधित ‘जीवंत 7/12’ दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं।

प्रशासन का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था को अधिक गतिशील, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है। समाधान शिविरों के माध्यम से किसानों के वर्षों से लंबित राजस्व संबंधी मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है। लंबे समय से लंबित वारिस प्रविष्टियां, मृत खातेदारों के नाम हटाने और 7/12 में मौजूद त्रुटियों को दूर कर किसानों को लाभ दिया गया।

विधानसभा क्षेत्रवार लाभार्थियों की संख्या

चंद्रपुर: 17 किसान

बल्लारपुर: 36 किसान

ब्रह्मपुरी: 41 किसान

चिमूर: 50 किसान

वरोरा: 40 किसान

राजुरा: 23 किसान


अभियान के तहत दी जा रही प्रमुख सेवाएं

पहला चरण:

मृत खातेदारों के नाम हटाकर कानूनी वारिसों के नाम दर्ज करना।

गांवों में चावड़ी वाचन के माध्यम से लंबित वारिस आवेदन एकत्रित कर उनका सत्यापन।

ऑनलाइन प्रणाली के जरिए वारिस प्रविष्टियों को शीघ्र एवं निःशुल्क मंजूरी देना।


दूसरा चरण:

18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ई-हक्क प्रणाली के माध्यम से अपात्र टिप्पणी हटाना।

संयुक्त परिवार प्रबंधक की प्रविष्टि हटाकर सभी सह-खातेदारों और उनके कानूनी वारिसों के नाम दर्ज करना।

सरकार द्वारा माफ किए गए पुराने तगाई ऋणों (जैसे कुआं, खावटी, बीज, ट्रैक्टर/इंजन आदि) का शेष बोझ 7/12 से हटाना।

कृषि एवं मृदा संरक्षण विभाग के माफ किए गए पुराने बकाया हटाना।

पुराने निजी या साहूकारी ऋणों के चुकता अथवा कालबाह्य बोझ को नियमानुसार हटाना।


प्रशासन की अपील

जिन किसानों या नागरिकों के परिवारों में अभी भी मृत खातेदारों के वारिस दर्ज नहीं हुए हैं या पुराने रिकॉर्ड लंबित हैं, वे संबंधित तलाठी कार्यालय से संपर्क करें या ई-हक्क प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर इस अभियान का लाभ उठाएं।