चंद्रपुर, महाराष्ट्र: चंद्रपुर में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा तनिष्का सुनील गाडगे की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। यह घटना शनिवार, 22 अगस्त 2026 को सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्कूल में हुई एक शिकायत के बाद तनिष्का को उसके पिता स्कूल से घर लेकर आए थे। कुछ समय बाद वह घर में मृत मिली।
स्कूल में लिखे गए मजमून को लेकर हुई थी शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, तनिष्का चंद्रपुर की एक स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा थी। शनिवार को कक्षा में उसके द्वारा बोर्ड पर कुछ लिखे जाने की बात सामने आई। स्कूल के प्रभारी, मुख्याध्यापक और शिक्षकों ने इस मामले की जानकारी उसके पिता को दी और उन्हें स्कूल बुलाया।
शिकायत मिलने के बाद तनिष्का के पिता सुनील गाडगे स्कूल पहुंचे। उन्होंने बेटी को समझाया और उसके बाद उसे अपने साथ घर ले आए। इसके बाद वे अपने न्यायालय संबंधी काम के लिए बाहर चले गए। रिपोर्टों के अनुसार तनिष्का के माता-पिता दोनों चंद्रपुर न्यायालय में वकील हैं।
घर पहुंचने के कुछ समय बाद सामने आई दुखद घटना
बताया गया है कि तनिष्का को घर पर छोड़ने के कुछ समय बाद उसकी मां घर पहुंचीं। उस समय तनिष्का को घर में मृत अवस्था में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का पंचनामा किया।
पुलिस ने मामले में मर्ग (आकस्मिक मृत्यु) दर्ज किया है। रामनगर पुलिस की ओर से घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि स्कूल में हुई शिकायत और घर लौटने के बाद की परिस्थितियों के बीच क्या संबंध था।
पुलिस जांच में जुटी
इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके के मार्गदर्शन में की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाने और पूरे घटनाक्रम को समझने की प्रक्रिया शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों में अभी तक किसी व्यक्ति पर आरोप सिद्ध होने की जानकारी नहीं है। इसलिए घटना के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घटना से अभिभावकों में चिंता
सिर्फ 14 साल की छात्रा की मौत की इस घटना ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बच्चों पर पढ़ाई और स्कूल से जुड़े तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो परिवार और स्कूल को उनसे संवेदनशीलता के साथ बातचीत करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।
फिलहाल तनिष्का की मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, यह पुलिस जांच का विषय है। जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।





