मराईपाटन में आयोजित श्रद्धांजलि एवं अभिनंदन समारोह में पुलिस अधिकारी, नागरिक, शिक्षक और विद्यार्थी हुए शामिल
चंद्रपुर, 11 अगस्त 2026। चंद्रपुर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति में 10 अगस्त 2026 को मौजा मराईपाटन में श्रद्धांजलि एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।

10 अगस्त 1989 को पुलिस स्टेशन टेकमांडवा के अंतर्गत मैपाटन गांव के समीप नक्सलियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में कई पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

इन वीर जवानों को किया गया नमन
इस अवसर पर शहीद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इनमें पुलिस सब-इंस्पेक्टर एच. एस. भोसले, पुलिस कांस्टेबल ए. एस. परब (568), एस. डी. शेरे (809), वी. डी. ताम्बाडे (896), बी. एस. जाधव (746), एस. जी. सपकाल (1030), एसआरपीएफ ग्रुप-2 के प्रशिक्षक के. वी. रसाल तथा नागपुर रेलवे में नियुक्त चालक पुलिस कांस्टेबल डी. एन. हजारे (888) शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
चंद्रपुर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में चंद्रपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे और गडचांदूर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी रविंद्र जाधव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, स्थानीय नागरिक, शिक्षक, विद्यार्थी और सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों के बलिदान को याद किया।
‘शहीदों का बलिदान ही आज की शांति की नींव’
जागरूकता रैली के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने कहा कि चंद्रपुर जिला आज नक्सल मुक्त होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण के पीछे कई बहादुर पुलिस जवानों का सर्वोच्च बलिदान है।
उन्होंने कहा कि शहीद जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाए और शांति, विकास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी मिलकर कार्य करें।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों में निभाया कर्तव्य
चंद्रपुर जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल ने वर्षों तक घने जंगलों, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सली खतरे के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाई। नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
आज जिले में शांति, सुरक्षा और विकास का जो वातावरण दिखाई दे रहा है, उसे इन वीर जवानों के बलिदान की सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला परिषद उच्च माध्यमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और आदिवासी आश्रम विद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक, ग्रामीण नागरिक, पुलिस अधिकारी तथा सरकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
शहीदों की वीरता और बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।





