पूरे भारत में। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक सनसनीख़ेज़ दावा वायरल हुआ
कि मरीन ट्रेनर जेसिका रैडक्लिफ़ की मौत डॉल्फ़िन (या ऑरका) के हमले में हो गई। इस दावे को लेकर कई वीडियो और पोस्ट्स इंटरनेट पर तेज़ी से फैल गए।
लेकिन जांच और फैक्ट-चेक में सामने आया है कि यह पूरी कहानी बेबुनियाद और झूठी है। अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों टाइम्स ऑफ़ इंडिया और इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वायरल वीडियो वास्तव में AI-जनरेटेड (कृत्रिम तकनीक से बनाया गया) है।
रिपोर्ट्स में स्पष्ट किया गया है कि न तो “जेसिका रैडक्लिफ़” नाम की कोई ट्रेनर मौजूद है और न ही इस तरह की कोई वास्तविक घटना हुई है। यानी सोशल मीडिया पर चल रही यह सनसनी सिर्फ़ एक अफ़वाह है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के डीपफेक और नकली वीडियो हमारे दिमाग़ की भावनाओं का फ़ायदा उठाकर तेज़ी से वायरल हो जाते हैं। इसलिए किसी भी चौंकाने वाली खबर पर भरोसा करने से पहले सोच-समझकर जांच करना ज़रूरी है।
सूचना विशेषज्ञों की अपील:
लोग किसी भी अनजानी या चौंकाने वाली खबर को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि ज़रूर करें, ताकि गलत जानकारी का प्रसार रोका जा सके।

